अभी सोशल मीडिया के कुछ चैनलों पर कथित गोदी पत्रकारों और भाजपा नेताओं पर हमले या उनके साथ बदसलूकी के दृश्य दिखे हैं. यह बेहद चिंताजनक है. भीड़ का यह व्यवहार निंदनीय है. मगर इसे महज भीड़ की गुंडागर्दी मानने से बचें.
इन अति उत्साही युवाओं से निवेदन कि वे संयम बरतें, चंद लोगों की ऐसी हरकतों से न सिर्फ पूरे आंदोलन की छवि खराब होगी, बल्कि इसी बहाने सरकार को दमन का एक बहान...