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Publisher:  Unclaimed!
Message frequency:  3.6 / day

Message History

मीराबाई की भक्ति: सामाजिक बंधनों से मुक्ति और प्रेम का विद्रोहभारतीय भक्ति आंदोलन के इतिहास में मीराबाई का नाम उन दुर्लभ स्त्री-स्वरों में गिना जाता है जिन्होंने अपने समय की समस्त सामाजिक, पारिवारिक और धार्मिक जकड़बंदियों को चुनौती देकर स्वयं को पूर्णतः ईश्वर के प्रेम में समर्पित कर दिया। सोलहवीं शताब्दी के राजस्थान की यह राजपूत राजकुमारी, जो मेड़ता के राव रत्नसिंह के परिवार में...

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हमारी संस्कृति का दर्पण है हिंदीहमारी संस्कृति का दर्पण है हिंदी,भारत माता के माथे की सुंदर बिंदी।सिंधु से निकली, कहलायी सिंधी,समय के संग निखरकर बनी हिंदी।सिंधु में हुआ इसका अलंकरण,आर्यों ने किया फिर इसका नामकरण।संस्कृत, पालि, प्राकृत के संग,अपभ्रंश से होकर बढ़ी उमंग।अवहट्ट की राहों से होकर गुजरी,हर युग में निखरी, हर युग में सँवरी।पग-पग पर सजी, पग-पग पर बिखरी,ज्ञान और भावों से भ...

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आओ करें हिंदी का सम्मानआओ करें हिंदी का सम्मानकभी ना करें इसका अपमान आओ करें हिंदी का सम्मान देवनागरी लिपि है इसकीजिसमें कितनी गहराईजाने कितनी भाषाएं देखो इसमें है समाईहिंदी भाषा बड़ी महानआओ करें हिंदी का सम्मान 11 स्वर है मात्रा 1033 व्यंजन इसमें बस जैसी लिखते वैसी पढ़तेइसमें हम नहीं उलझतेहिंदी भाषा बड़ी आसान आओ करें हिंदी का सम्मान अंग्रेजी तो मजबूरी हैइसे

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हिंदी दिवस: भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता का उत्सवप्रतिवर्ष 14 सितंबर को भारत में हिंदी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक भाषा विशेष के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह उस समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी है जिसने भारतीय समाज को सदियों से एकसूत्र में पिरोए रखा है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत...

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पॉडकास्ट और ऑडियो बुक्स: हिंदी साहित्य को सुनने की नई संस्कृतिसमय के साथ पढ़ने-पढ़ाने के तरीके बदलते रहे हैं। जहाँ पहले साहित्य को केवल किताबों के पन्नों पर पढ़ा जाता था, वहीं आज तकनीक ने इसे सुनने का एक बिल्कुल नया माध्यम दे दिया है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुँच बढ़ने के साथ-साथ पॉडकास्ट और ऑडियो बुक्स ने हिंदी साहित्य को घर-घर तक पहुँचाने का काम किया है। अब कोई व्यक्ति यात्र...

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