Please turn JavaScript on
header-image

Free Bhajans – Hindi Bhajan Lyrics Website

Click on the "Follow" button below and you'll get the latest news from Free Bhajans – Hindi Bhajan Lyrics Website via email, mobile or you can read them on your personal news page on this site.

You can unsubscribe anytime you want easily.

You can also choose the topics or keywords that you're interested in, so you receive only what you want.

Free Bhajans – Hindi Bhajan Lyrics Website title: Free Bhajans – Hindi Bhajan Lyrics Website

Is this your feed? Claim it!

Publisher:  Unclaimed!
Message frequency:  14.21 / day

Message History

माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है,
तू जगत खिलावन भी तू ही प्रतिपाला है,
भव पार करो उसको जो जपता माला है,
माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है।।

जो श्रद्धा भावना से आ जाए दर तेरे ,
तू बन के सहाई माँ सब काटे अंधेरे
अन धन कर के माँ तूने समबाला है,
माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है।।

जो देखे तुझे दाती जैसे भी मन से माँ,
तू उसपे कर...


Read full story

शेर पे होके सवार दर्श दिखा जाना,
दर्श दिखा जाना माँ जग की पालनहार,
दर्श दिखा जाना।।

त्रिकूट पर्वत बसी भवानी
ज्वाला जल रही ज्योत नुरानी,
बेहती जल की धार दर्श दिखा जाना।।

हाथी मथा कठिन चढ़ाई,
हाथ पकड़ ती खुद माहमई,
चहु और मची जयकार दर्श दिखा जाना।।

लांगुर वीर करे अगवानी
ठुमक ठुमक फिर चले माहरानी,
नागर की दरकार दर्श दिखा जाना।...


Read full story

मेरी माँ बन गई हो तुम
जो मेरे राह में छींट दे रोशनी,
वो दीया बन गई हो तुम
मेरी माँ बन गई हो तुम

मैया तेरे बिना स्वर्ग स्मशान है,
तू जाहा पर हो माँ वाही पर सम्मान है,
जो ममता दे वो करुनामई,
दासता बन गई हो तुम
मेरी माँ बन गई हो तुम

दे मुझे ज्ञान माँ ध्यान तेरा करू,
जिन्दगी भर तेरी ही शरण में रहू,
जो सभी जीव में प्राण दे स्वास दे


Read full story

जगदाम्बे भवानी जय जय माँ
जगदाम्बे भवानी जय जय माँ

तुम करुणा माई आपर हो माँ
जाग जननी बड़ी उदार हो माँ
जगदाम्बे भवानी जय जय माँ।।

त्रिलोक मोहनी आ जाओ आ जाओ आ जाओ
हे मा हे त्रिलोक मोहनी माँ आ जाओ
तन मन में मेरे समा जा।।

तुम सब सुखकारी जय जय
जगदाम्बे भवानी जय जय माँ।।

तुम सबके दुख को हारती हो हे माँ
माधव की सुध करती हो ...


Read full story

सूरत की बलिहारी मेरे अम्बे भवानी,
पहले पहर मैया ऐसे लगत है,
जैसे कन्याँ कुमारी मेरी अम्बे भवानी।।

दूसरे पहर मियां ऐसे लगत है जैसे सुहागन नारी,
मेरी अम्बे भवानी,
सूरत की बलिहारी मेरे अम्बे भवानी।।

तीसरे पहर मैया ऐसी लगत है जैसे दुल्हन प्यारी,
मेरी अम्बे भवानी,
सूरत की बलिहारी मेरे अम्बे भवानी।।

चौथे पहर मैया ऐसी लगत है जैसे बूढी ...


Read full story