माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है,
तू जगत खिलावन भी तू ही प्रतिपाला है,
भव पार करो उसको जो जपता माला है,
माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है।।
जो श्रद्धा भावना से आ जाए दर तेरे ,
तू बन के सहाई माँ सब काटे अंधेरे
अन धन कर के माँ तूने समबाला है,
माँ तू ही है चंडी माँ तू ही ज्वाला है।।
जो देखे तुझे दाती जैसे भी मन से माँ,
तू उसपे कर...